आदिवासी स्टेट छत्तीसगढ़ में अन्याय एल एल एम एडमिशन में कैसे हुआ घोटाला जाने

LLM प्रथम/ वर्ष सेमेस्टर में प्रवेश हेतु पं. रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के द्वारा एक प्रवेश परिक्षा का आयोजन किया गया था जिसमें लगभग 500 से ज्यादा विद्यार्थीयों ने भाग लिया जिसका परिणाम आने के बाद 25 अगस्त को दस्तावेज सत्यापन की तारीख की सूचना का सार्वजनिक प्रकाशन न करते हुए केवल विश्वविद्यालय की साईट पर डालना बताया गया UGC के नियमो का हवाला देते हुए कॉउनसलिंग की गयी है किंतु प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए लगभग 500 प्रतिभागियों में अधिकांश छुट गये ST श्रेणी की 12 सीटों पर कोई उम्मीद्वार ही न आ सका जबकि UTD LAW सस्थां में कुल 45 सीटें है LLM की, ये सब काम इतने कम समय में किया गया जब छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग की प्रवेश की अंतिम तिथि 5 सिप्तेंबर थी जिसे अवकाश के कारण 6 सिप्तेंबर शनिवार को और पहले व दुसरे चरण के बाद भी ST की 12 सीटें बच गयी जिसे कण्वर्ट कर सामान्य और OBC को दे दिया गया है जिस पर जानकारी चाहंने पर ST विद्यार्थीयों के साथ दुर्वव्हार किया गया जो छत्तीसगढ़ का अपमान है यहां शहरी क्षेत्र में भी जनजातीय समुदाय के लोगो के साथ अन्याय हो रहा है विश्वविद्यालय का लॉ डिपार्ट्मेंट संस्था कई वर्षो से विवादो मे है उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़, UGC और बार कॉउण्सिल द्वारा कई नोटिस भेजे हैं PRSU को किंतु विश्वविद्यालय द्वारा कोई एकश्न नही लिया गया चाहे वह छात्रों को दी जाने वाली फेसिलिटी के लिये हो या स्टाफ, फैक्ल्टी और एचओडी के लिये हो सब पर विश्वविद्यालय द्वारा कोई काम नही किया परिणाम सबके सामने है लॉ संस्था मे कक्षाएं भी नहीं लगती बिना छात्रो की उपस्थिती के ही उच्च परिणाम आ जाते है ये सब एक विशेष राज्य क्षेत्र के बच्चो के लिए प्रायोजित रुप से किया जाता है ये बात लीक न हो जाये इसलिये स्पेशल टेक्नीक से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है जिसमें आंसर सीट पर परीक्षार्थी का रोल नंबर के साथ नाम भी लिखा जाने का कॉलम होता है परिणाम के बाद असली चाल चली जाती है जिसमें छात्र कॉउनसलींग में भी शामिल ही नही हो पाते हैं क्युकि कौन्सिलंग के पूर्व ही दस्तावेज सत्यापन के साथ साथ उपस्थित छात्रो का री रजिस्टरेश्ंन कर लिया जाता है और तिथि तय कर कौन्सिलंग कर प्रवेश दे दिया जाता है इस दोषपूर्ण प्रक्रिया के चालते ही इस वर्ष 2025 के लिए संस्था में रिजर्व ST सीटें रिक्त रह गयी जिसे बाद में ओपन कौन्सिलंग कर सामान्य श्रेणी के छात्रो को दे दिया गया है ये सब खेल संस्था के प्रमूख द्वारा किया जाना प्रतित होता है चुकि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आदिवासीगण हैं जिनके लिये इस पुरी प्रक्रिया की जॉंच स्वतंत्र एजंसी व रिटायर्ड चीफ जसटिस से करायी जाना जरुरी है और दोषपूर्ण प्रक्रीया को रद्द कर नये सिरे से प्रवेश प्रक्रीया करने की आवश्यकता है

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